हाय चेतना!!
'दृश्य एक' क्रांतिवीर जंतर मंतर पर मोमबत्ती लेकर खड़े हुए हैं. हाथ में लगी तख्तियों पर गर्व के साथ 'आय एम हिन्दू एंड मुस्लिम आर माय फ्रेंड्स', 'डोंट मेक इंडिया लिंचीनिंग कंट्री' लिख कर पता नहीं किस दिशा की ओर मुंह करके 'जस्टिस फ़ॉर तबरेज' के नारे भी लग रहे हैं. चेतना की थोक की मंडी का मजमा सज चुका है, क्रांति की फ्रैंचाइज़ी लेने के लिए नए-नए रंगरूट लाइन लगा कर खड़े हुए हैं. "आप यहाँ पर क्यों हैं?" "आपको दिखता नहीं कि देश का गंगू जुम्मनी ढांचा खतरे में है?" चेतना की मंडी में नया-नया दाखिल हुआ रंगरूट अपने हिस्से की क्रांति की फ्रैंचाइज़ी के प्रमाणपत्र को क्रांति के लिए लाई हुई मोमबत्ती की रौशनी में चमकाते हुए बोला. हैशटैग क्रांति का समाज के हित में इतना योगदान तो रहा ही है कि मोमबत्ती बनाने की जो कला समाज विलुप्त होती जा रही थी कमसकम ये क्रांति उसे जिंदा तो रखे हुए है. "पर ये गंगू जुम्मनी ढांचा तो तब भी खतरे में ही रहा था जब जंतर मंतर पर मोमबत्ती जलाने का कोई फैशन तक नहीं था.." "इसका मतलब कि अब इंसानी जान ...